क्रिकेट
DLS नियम क्या है: बारिश वाले मैच में नया टारगेट और पार स्कोर कैसे तय होता है
DLS (डकवर्थ-लुईस-स्टर्न) नियम बारिश या किसी और रुकावट से छोटे हुए वनडे और टी20 मैच में दूसरी टीम का नया लक्ष्य तय करता है। यह सिर्फ़ ओवर नहीं गिनता। टीम के पास बचे ओवर और बचे विकेट, दोनों को मिलाकर "संसाधन" माना जाता है, और जितने संसाधन कटते हैं उसी अनुपात में लक्ष्य बदलता है। अगर मैच बीच में ख़त्म करना पड़े, तो पीछा कर रही टीम का स्कोर उस समय के "पार स्कोर" से तुलना करके नतीजा निकलता है।
DLS नियम किसने बनाया?
इसे दो ब्रिटिश सांख्यिकीविदों फ़्रैंक डकवर्थ और टोनी लुईस ने बनाया था, इसलिए पहले इसे डकवर्थ-लुईस (D/L) कहा जाता था। 1990 के दशक के आख़िर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इसका इस्तेमाल हो रहा है। बाद में ऑस्ट्रेलियाई सांख्यिकीविद् स्टीवन स्टर्न ने आज के ऊंचे स्कोर वाले खेल के हिसाब से इसे अपडेट किया, और तब से इसका नाम DLS है। आईसीसी के सभी अंतरराष्ट्रीय मैचों और आईपीएल में यही नियम चलता है।
"संसाधन" का मतलब क्या है?
वनडे पारी की शुरुआत में बल्लेबाज़ी टीम के पास 50 ओवर और 10 विकेट होते हैं। इसे 100% संसाधन मानिए। हर गेंद और हर विकेट के साथ ये संसाधन घटते जाते हैं, और पारी ख़त्म होने पर शून्य हो जाते हैं।
विकेट इसमें बहुत मायने रखते हैं। 40 ओवर के बाद 3 विकेट पर खेल रही टीम आख़िरी 10 ओवर में 8 विकेट गंवा चुकी टीम से कहीं ज़्यादा रन बना सकती है। इसलिए बारिश से अगर आख़िरी ओवर कटें, तो कम विकेट गंवाने वाली टीम का नुकसान बड़ा माना जाता है, और लक्ष्य में यह फ़र्क़ दिखता है। ओवर और विकेट के हर मेल के लिए कितने प्रतिशत संसाधन बचते हैं, यह DLS की तालिका और सॉफ़्टवेयर से निकलता है।
नया टारगेट कैसे निकलता है?
सबसे आसान स्थिति वह है जब दूसरी टीम के पास पहली टीम से कम संसाधन हों। तब:
नया टारगेट = पहली टीम का स्कोर × (दूसरी टीम के संसाधन ÷ पहली टीम के संसाधन) + 1
एक उदाहरण लेते हैं। आंकड़े सिर्फ़ समझाने के लिए हैं, असली तालिका के नहीं:
- पहली टीम ने पूरे 50 ओवर खेलकर 250 रन बनाए, यानी 100% संसाधन इस्तेमाल किए।
- बारिश की वजह से दूसरी टीम को 40 ओवर ही मिलेंगे। मान लीजिए 40 ओवर और 10 विकेट का संसाधन 90% है।
- नया टारगेट = 250 × (90 ÷ 100) + 1 = 225 + 1 = 226 रन, 40 ओवर में।
जब दूसरी टीम के संसाधन ज़्यादा बच जाते हैं (जैसे पहली टीम की पारी बारिश से बीच में कटी हो), तो DLS लक्ष्य को बढ़ाने के लिए एक अलग गणना करता है। मैच में यह काम आधिकारिक सॉफ़्टवेयर करता है, अंपायर या स्कोरर हाथ से नहीं।
पार स्कोर क्या होता है?
पीछा करते समय स्कोरबोर्ड पर हर ओवर के साथ एक "DLS पार स्कोर" दिखाया जाता है। यह वह स्कोर है जिस पर उस पल मैच रुकने से दोनों टीमें बराबर मानी जाएंगी। अगर बारिश के कारण आगे खेल नहीं हो पाता:
- पीछा करने वाली टीम पार स्कोर से आगे है, तो वह जीतती है।
- पार स्कोर के बराबर है, तो मैच टाई होता है।
- पीछे है, तो पहले बल्लेबाज़ी करने वाली टीम जीतती है।
इसी वजह से बारिश के आसार हों तो पीछा करने वाली टीमें विकेट बचाते हुए पार स्कोर से आगे रहने की कोशिश करती हैं। विकेट गिरते ही पार स्कोर उछल जाता है।
नतीजे के लिए कम से कम कितने ओवर ज़रूरी हैं?
आईसीसी की खेल शर्तों के मुताबिक़ नतीजा तभी निकलता है जब दोनों टीमों को कम से कम तय ओवर मिलें: वनडे में 20 ओवर और टी20 में 5 ओवर। इससे कम खेल हो पाए, तो मैच बेनतीजा रहता है। अलग-अलग टूर्नामेंट अपनी शर्तों में इसमें बदलाव कर सकते हैं, जैसे नॉकआउट मैचों के लिए रिज़र्व डे।
DLS की आलोचना क्यों होती है?
कई खिलाड़ी और विशेषज्ञ कहते हैं कि यह तरीका आम दर्शक के लिए समझना मुश्किल है, क्योंकि पूरी तालिका सार्वजनिक नहीं है। कुछ अध्ययनों का निष्कर्ष है कि कुछ परिस्थितियों में यह पहले बल्लेबाज़ी करने वाली टीम के पक्ष में जाता है। फिर भी किसी और तरीके को आईसीसी ने इसकी जगह नहीं अपनाया है।
नेट रन रेट पर बारिश का असर कैसे पड़ता है, यह हमारे नेट रन रेट वाले लेख में है। ताज़ा मैच अपडेट आज का खेल समाचार और क्रिकेट पेज पर पढ़ें।
स्रोत
इस लेख के तथ्य इन आधिकारिक स्रोतों से जांचे गए हैं:
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
DLS का पूरा नाम क्या है?
DLS का पूरा नाम डकवर्थ-लुईस-स्टर्न है। यह नाम इसे बनाने वाले फ़्रैंक डकवर्थ, टोनी लुईस और इसे अपडेट करने वाले स्टीवन स्टर्न के नाम पर है।
क्या आईपीएल में भी DLS नियम लागू होता है?
हां। आईपीएल में बारिश से छोटे हुए मैचों का लक्ष्य DLS से तय होता है, और नतीजे के लिए दोनों टीमों को कम से कम 5-5 ओवर खेलने होते हैं।
DLS में विकेट क्यों गिने जाते हैं?
क्योंकि ज़्यादा विकेट हाथ में होने पर टीम बचे ओवरों में तेज़ी से रन बना सकती है। सिर्फ़ ओवर गिनने से उस टीम के साथ नाइंसाफ़ी होती जिसके विकेट बचे हों।
पार स्कोर और टारगेट में क्या फ़र्क़ है?
टारगेट वह स्कोर है जो दूसरी टीम को जीत के लिए बनाना है, और यह रुकावट के बाद एक बार तय होता है। पार स्कोर हर गेंद पर बदलता है और बताता है कि मैच उसी पल रुक जाए तो बराबरी किस स्कोर पर होगी।