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सोना-चांदी भाव

सोने का भाव कैसे तय होता है? 22 और 24 कैरेट का फ़र्क और खरीदारी की ज़रूरी बातें

यह लेख दूसरी भाषा में: Englishગુજરાતી

सीधा जवाब: भारत में सोने का भाव मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय बाज़ार के भाव, रुपये-डॉलर की दर, आयात शुल्क-टैक्स और देश में मांग से तय होता है। ज्वेलर्स आम तौर पर बुलियन एसोसिएशन (IBJA) के दैनिक रेट को आधार मानकर उसमें स्थानीय खर्च जोड़ते हैं। गहने खरीदते समय कैरेट, BIS हॉलमार्क, HUID कोड और बिल में मेकिंग चार्ज ज़रूर जांचें।

सोने का भाव रोज़ क्यों बदलता है?

भारत अपनी ज़रूरत का ज़्यादातर सोना विदेश से खरीदता है, इसलिए यहां का भाव चार चीज़ों पर टिका होता है:

  • अंतरराष्ट्रीय भाव: दुनिया के बाज़ार में सोना डॉलर में, प्रति औंस के हिसाब से बिकता है। वहां भाव बढ़ा तो भारत में भी बढ़ता है।
  • रुपया-डॉलर विनिमय दर: रुपया कमज़ोर हुआ तो वही सोना रुपये में महंगा पड़ता है, भले ही विदेश में भाव न बदला हो।
  • आयात शुल्क और टैक्स: सरकार सोने के आयात पर शुल्क लगाती है और बिक्री पर जीएसटी लगता है। बजट में शुल्क बदलने का सीधा असर भाव पर होता है।
  • मांग: शादी और त्योहारों के मौसम में मांग बढ़ती है। दुनिया में अनिश्चितता (युद्ध, मंदी का डर) बढ़ने पर भी लोग सोना खरीदते हैं, जिससे भाव चढ़ता है।

देश में कई ज्वेलर्स इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के जारी किए गए दैनिक रेट को आधार मानते हैं। इसके ऊपर स्थानीय खर्च और मुनाफ़ा जुड़ता है, इसलिए दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद या पटना के रेट में थोड़ा फ़र्क दिखता है।

24, 22 और 18 कैरेट में क्या फ़र्क है?

कैरेट सोने की शुद्धता बताता है। जितना ऊंचा कैरेट, उतना ज़्यादा शुद्ध सोना।

कैरेट शुद्धता हॉलमार्क पर लिखा अंक आम इस्तेमाल
24 कैरेट 99.9% / 99.5% 999 (सिक्के, बिस्किट) · 995 (गहने) सिक्के, बिस्किट
22 कैरेट 91.6% 916 ज़्यादातर गहने
18 कैरेट 75% 750 हीरे-नग वाले गहने
14 कैरेट 58.5% 585 हल्के, मज़बूत गहने

24 कैरेट सोना बहुत नरम होता है, इसलिए उससे गहने कम बनते हैं। गहनों में तांबा, चांदी जैसी धातु मिलाकर उसे मज़बूत बनाया जाता है — इसी वजह से गहने आम तौर पर 22 या 18 कैरेट के होते हैं। ध्यान दें: 999 की शुद्धता आम तौर पर सिक्कों और बिस्किट की होती है; 24 कैरेट गहनों के हॉलमार्क में शुद्धता ग्रेड 995 लिखा जाता है।

गहने की कीमत कैसे बनती है?

दुकान पर बोर्ड में आम तौर पर 10 ग्राम का भाव लिखा होता है। एक गहने का बिल मोटे तौर पर ऐसे बनता है:

  1. सोने की कीमत = वज़न (ग्राम में) × उस कैरेट का प्रति ग्राम भाव
  2. मेकिंग चार्ज = गहना बनाने की मज़दूरी, जो प्रति ग्राम या कुल कीमत के प्रतिशत में ली जाती है
  3. जीएसटी = सोने पर 3% जीएसटी लगता है; बिल में टैक्स अलग से दिखना चाहिए

उदाहरण (काल्पनिक भाव): अगर 24 कैरेट का भाव 10 ग्राम के लिए ₹1,00,000 है, तो 22 कैरेट का भाव लगभग ₹91,600 होगा (1,00,000 × 0.916)। यानी 10 ग्राम के 22 कैरेट गहने में सोने की कीमत करीब ₹91,600, फिर उस पर मेकिंग चार्ज और टैक्स।

एक पुरानी इकाई तोला भी चलती है: एक तोला लगभग 11.66 ग्राम होता है, 10 ग्राम नहीं। रेट की तुलना करते समय इकाई ज़रूर देखें।

हॉलमार्क और HUID से असली सोना कैसे पहचानें?

भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के नियमों के तहत, जिन ज़िलों में हॉलमार्किंग अनिवार्य की गई है, वहां 1 अप्रैल 2023 से सोने के गहने छह अंकों के HUID वाले हॉलमार्क के साथ ही बेचे जा सकते हैं। कुछ छूटें भी हैं, जैसे बहुत कम वज़न (2 ग्राम से कम) के गहने। HUID छह अंकों और अक्षरों का एक यूनिक कोड है, जो हर गहने का अलग होता है। हॉलमार्क में तीन चीज़ें दिखती हैं:

BIS 22K916 AB12C3 1. BIS का निशान 2. कैरेट और शुद्धता 3. छह अंकों का HUID (HUID नमूना है — हर गहने का कोड अलग होता है)
हॉलमार्क के तीन हिस्से: BIS का निशान, शुद्धता (जैसे 22K916) और छह अंकों का HUID।

HUID को आप भारतीय मानक ब्यूरो के BIS CARE ऐप में "Verify HUID" से जांच सकते हैं। वहां गहने का प्रकार, शुद्धता और हॉलमार्क करने वाले केंद्र की जानकारी दिखती है।

सोना खरीदने से पहले कौन-सी 8 बातें जांचें?

  1. उसी दिन का भाव देखें और दो-तीन दुकानों से तुलना करें।
  2. कैरेट पूछें और हॉलमार्क देखें — 22 कैरेट के गहने पर 916 लिखा होना चाहिए।
  3. HUID ऐप से जांचें, खासकर महंगे गहनों के लिए।
  4. मेकिंग चार्ज पर मोलभाव करें, यह दुकान-दर-दुकान बहुत अलग होता है।
  5. नग और पत्थर का वज़न अलग लिखवाएं, ताकि उनका पैसा सोने के भाव में न जुड़े।
  6. पक्का बिल लें, जिसमें वज़न, कैरेट, भाव, मेकिंग चार्ज और टैक्स अलग-अलग लिखे हों।
  7. बायबैक या एक्सचेंज की शर्तें पहले पूछें — पुराना गहना बदलने पर कितनी कटौती होगी।
  8. सिर्फ़ निवेश के लिए खरीद रहे हैं तो गहनों के बजाय सिक्का या बिस्किट बेहतर रहता है, क्योंकि उसमें मेकिंग चार्ज कम होता है।

चांदी का भाव कैसे तय होता है?

चांदी का भाव भी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार और रुपये की चाल से तय होता है, पर इसमें उद्योगों की मांग (इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल) का भी बड़ा हाथ है। चांदी आम तौर पर प्रति किलो के भाव में बताई जाती है और इसमें उतार-चढ़ाव सोने से ज़्यादा होता है।

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स्रोत

इस लेख के तथ्य इन आधिकारिक स्रोतों से जांचे गए हैं:

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

22 कैरेट और 24 कैरेट में से कौन-सा खरीदें?

गहनों के लिए 22 कैरेट सही रहता है, क्योंकि 24 कैरेट सोना बहुत नरम होता है। निवेश के लिए 24 कैरेट के सिक्के या बिस्किट बेहतर हैं, क्योंकि उनमें मेकिंग चार्ज कम लगता है।

HUID कैसे चेक करें?

भारतीय मानक ब्यूरो का BIS CARE ऐप डाउनलोड करें और "Verify HUID" में गहने पर लिखा छह अंकों का कोड डालें। वहां गहने की शुद्धता और हॉलमार्क की जानकारी दिख जाएगी।

हर शहर में सोने का भाव अलग क्यों होता है?

अंतरराष्ट्रीय भाव, रुपये की दर और टैक्स पूरे देश में एक जैसे हैं, लेकिन ढुलाई, स्थानीय खर्च, मांग और ज्वेलर्स के मुनाफ़े में फ़र्क की वजह से शहरों के रेट थोड़े अलग होते हैं।

एक तोला कितने ग्राम का होता है?

एक तोला लगभग 11.66 ग्राम का होता है। आजकल भाव आम तौर पर 10 ग्राम के हिसाब से बताया जाता है, इसलिए तुलना करते समय इकाई ज़रूर देखें।