क्राइम
टेलीग्राम पर नौकरी और टास्क वाला घोटाला: कैसे पहचानें, कैसे बचें और पैसे गए तो क्या करें
यह लेख दूसरी भाषा में: ગુજરાતી
टेलीग्राम पर "घर बैठे कमाई" या "पार्ट-टाइम जॉब" का कोई भी ऑफ़र, जिसमें काम शुरू करने, टास्क पूरा करने या कमाई निकालने के लिए आपसे पैसे जमा करवाए जाएं, ठगी है। असली कंपनियां नौकरी देने के लिए उम्मीदवार से पैसे नहीं लेतीं। ऐसे घोटाले में शुरुआत में कुछ सौ रुपये देकर भरोसा जीता जाता है, फिर बड़े "टास्क" के नाम पर हज़ारों-लाखों जमा करवाकर ग्रुप गायब हो जाता है। पैसे कट जाएं तो उसी दिन 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।
टेलीग्राम टास्क स्कैम कैसे चलता है?
ज़्यादातर मामलों में कहानी एक जैसी होती है:
- व्हाट्सऐप, एसएमएस, इंस्टाग्राम या फ़ेसबुक पर किसी "एचआर" का मैसेज आता है: रोज़ 2,000 से 5,000 रुपये कमाइए, बस वीडियो लाइक करने हैं या होटल को रिव्यू देना है।
- आपको एक टेलीग्राम ग्रुप या "रिसेप्शनिस्ट" से जोड़ा जाता है। पहले दो-तीन आसान टास्क के बदले 150 या 200 रुपये सच में आपके खाते में आ जाते हैं।
- फिर "प्रीपेड टास्क" या "वीआईपी टास्क" आता है: 1,000 जमा करो, 1,500 वापस पाओ। यह भी एक-दो बार मिल जाता है।
- रकम बढ़ती जाती है। किसी स्टेज पर बताया जाता है कि आपने "गलत टास्क" कर दिया, या पैसे निकालने के लिए "टैक्स" या "फ़्रीज़ हटाने की फ़ीस" भरनी होगी।
- जितना ज़्यादा पैसा फंसता है, उतना दबाव बढ़ता है कि पुराना पैसा निकालने के लिए और जमा करो। आख़िर में ग्रुप डिलीट हो जाता है या आपको ब्लॉक कर दिया जाता है।
ग्रुप में दिख रहे दूसरे "मेंबर" जो रोज़ अपनी कमाई के स्क्रीनशॉट डालते हैं, अक्सर ठगों के ही फ़र्ज़ी खाते होते हैं।
कौन-से संकेत बताते हैं कि यह ठगी है?
- काम के बदले नहीं, पैसा जमा करने के बदले कमाई का वादा।
- बहुत आसान काम पर बहुत ज़्यादा कमाई, जैसे एक लाइक के 50 रुपये।
- कंपनी का कोई पता, वेबसाइट या ऑफ़र लेटर नहीं; सारी बात सिर्फ़ टेलीग्राम पर।
- पैसा किसी कंपनी के नाम के बजाय अलग-अलग लोगों के निजी खातों या यूपीआई आईडी में मंगवाया जाना।
- "आज ही करो, ऑफ़र ख़त्म हो जाएगा" जैसी जल्दबाज़ी।
- कमाई निकालने के लिए टैक्स, फ़ीस या "क्रेडिट स्कोर" सुधारने के नाम पर और पैसे की मांग।
- कोई ऐप या लिंक, जो प्ले स्टोर के बजाय सीधे .apk फ़ाइल के रूप में भेजा जाए।
अपना बैंक खाता किसी को इस्तेमाल न करने दें
कुछ ग्रुप कमाई के बदले आपका बैंक खाता, सिम या यूपीआई "किराये" पर मांगते हैं। ठगी का पैसा ऐसे ही खातों से घुमाया जाता है, और पुलिस खाता देने वालों को भी गिरफ़्तार करती है। जुलाई 2026 में हरियाणा और अगस्त 2026 में दिल्ली पुलिस ने टेलीग्राम टास्क ठगी के मामलों में ऐसे लोगों को पकड़ा, जिनके खाते में पीड़ितों का पैसा गया था। चाहे कितनी भी रकम का लालच हो, अपना खाता, एटीएम कार्ड या ओटीपी किसी को न दें।
पैसे कट गए तो तुरंत क्या करें?
जितनी जल्दी शिकायत होगी, पैसा रुकने की उम्मीद उतनी ज़्यादा है, क्योंकि ठग पैसे को कुछ ही घंटों में कई खातों में घुमा देते हैं।
- 1930 पर कॉल करें। यह राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन है, जो बैंकों को पैसा रोकने के लिए सूचना भेजती है।
- cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें और शिकायत नंबर संभालकर रखें।
- अपने बैंक के कस्टमर केयर को बताएं और यूपीआई, नेट बैंकिंग या कार्ड अस्थायी रूप से बंद करवाएं।
- सबूत सहेजें: टेलीग्राम चैट के स्क्रीनशॉट, ग्रुप और यूज़र का नाम, यूपीआई आईडी, ट्रांज़ैक्शन आईडी और तारीख।
- टेलीग्राम में उस अकाउंट और ग्रुप को रिपोर्ट करें। संदिग्ध नंबर या मैसेज की शिकायत संचार साथी पोर्टल के चक्षु में भी कर सकते हैं।
शिकायत के बाद कोई "रिकवरी एजेंट" या "वकील" फ़ोन करके पैसा वापस दिलाने की फ़ीस मांगे, तो सावधान रहें। यह भी अक्सर उसी ठगी का अगला हिस्सा होता है।
ऑनलाइन ठगी के बाकी आम तरीके हमारे ऑनलाइन ठगी से कैसे बचें लेख में हैं। साइबर अपराध की ताज़ा ख़बरें क्राइम पेज पर पढ़ें।
स्रोत
इस लेख के तथ्य इन आधिकारिक स्रोतों से जांचे गए हैं:
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या टेलीग्राम पर मिलने वाली हर नौकरी फ़र्ज़ी होती है?
नहीं, पर अगर काम पाने, टास्क करने या कमाई निकालने के लिए आपसे पैसे मांगे जाएं, तो वह ठगी है। असली नौकरी के लिए कंपनी की वेबसाइट, ऑफ़र लेटर और इंटरव्यू की प्रक्रिया होती है।
पहले पैसे मिले थे, फिर भी यह ठगी कैसे है?
शुरुआती छोटी रकम भरोसा जीतने के लिए दी जाती है। उसके बाद बड़ी रकम जमा करवाई जाती है, जो कभी वापस नहीं आती।
टेलीग्राम ठगी की शिकायत कहां करें?
राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। अपने बैंक को भी तुरंत बताएं।
क्या ठगी का पैसा वापस मिल सकता है?
अगर पैसा ठगों के खाते से निकलने से पहले शिकायत हो जाए, तो बैंक उसे रोक सकते हैं, और बाद में अदालत या पुलिस की प्रक्रिया से वापसी हो सकती है। इसीलिए पहले कुछ घंटों में 1930 पर कॉल करना सबसे ज़रूरी है।
